दीपांशी से नव्या नामदेव तक का सफर: कैसे फाइनल हुआ हमारी नन्ही परी का नाम?
नमस्ते दोस्तों,आप सभी का हमारे ब्लॉग 'DEEP'S JOURNEY' पर बहुत-बहुत स्वागत है। जैसा कि आप सब जानते हैं कि हमारे घर में एक प्यारी सी नन्ही परी आई है और हमारी ज़िंदगी खुशियों से भर गई है। यूट्यूब व्लॉग्स में आप सबने उसे बहुत सारा प्यार दिया, जिसके लिए हम आपके आभारी हैं।आज इस पोस्ट में मैं आपके साथ एक ऐसी कहानी शेयर करने जा रहा हूँ, जो व्लॉग में पूरी तरह नहीं आ पाई थी। यह कहानी है हमारी बेटी के नामकरण की!पहले सोचा था 'दीपांशी' नामजब बेटी का जन्म हुआ, तो हम सब बहुत खुश थे। मैंने (दीपक) और मेरी पत्नी (आरती) ने मिलकर एक बहुत ही प्यारा नाम सोचा था। हमारे दोनों के नाम को मिलाकर नाम तय हुआ था—'दीपांशी' (Deepak + Aarti)। हम दोनों इस नाम को लेकर बहुत एक्साइटेड थे और मन ही मन उसे इसी नाम से बुलाने भी लगे थे।फिर राशि ने बदला फैसलालेकिन जब पंडित जी से बात हुई और बिटिया की कुंडली देखी गई, तो पता चला कि उसकी राशि वृश्चिक (Scorpio) है। राशि के हिसाब से उसका नाम केवल 'न' (N) अक्षर से ही रखा जा सकता था। हमारा प्यारा सा सोचा हुआ नाम 'दीपांशी' राशि के अक्षरों में फिट नहीं बैठ रहा था।ऐसे हुआ 'नव्या नामदेव' का जन्मपंडित जी की बात मानकर हमने 'न' अक्षर से नए नाम ढूंढना शुरू किया। इंटरनेट पर और किताबों में बहुत सारे नाम देखने के बाद, हमारी नज़र एक बेहद खूबसूरत नाम पर पड़ी—'नव्या'। नव्या का मतलब होता है 'नया' या 'तारीफ़ के काबिल'।यह नाम सुनते ही पूरे परिवार के चेहरे पर मुस्कान आ गई। हमारा सरनेम नामदेव है, इसलिए हमारी लाडली का पूरा नाम फाइनल हुआ—नव्या नामदेव। भले ही हम उसे 'दीपांशी' नहीं बुला पाए, लेकिन 'नव्या' नाम ने हमारे घर में एक नई और बेहद खूबसूरत शुरुआत कर दी है।आप सभी को हमारी लाडली का नाम 'नव्या' कैसा लगा? हमें कमेंट करके ज़रूर बताइएगा। नीचे हमारे इस यादगार दिन की कुछ अनसीन तस्वीरें भी आप देख सकते हैं।






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